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होली-गीत

कुछ पारिवारिक,सामजिक कारणों से निबट कर और अन्तर्जाल-सुविधा हाथ में आने पर आप सब के बीच पुन: उपस्थित हूँ !मेरी पूज्य भाभीजी के मरणासान्न अस्वास्थ्य में लम्बी पारिवारिक उथल-पुथल के बाद उनकी दुखद अंतिम विदाई हों गयी ! उनकी होली के बाद थोड़ा सामान्य हुआ जब परिवार,तो सभी सेवा-कार्य सुचारू करने का प्रयास कर रहा हूँ !
(सारे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)
सभी मित्रों को होली की शुभ कामनायें !  
 
(1) होली खेलेंगे (अ)आये हैं होलियार होली खेलेंगे !
      आये हैं होलियार, होली खेलेंगे !
आये हमारे द्वार, होली खेलेंगे !!
जमके अबकी बार, होली खेलेंगे !
आये हैं होलियार , होली खेलेंगे  !!
महतो आये , ‘महातिया आये |
वामन आये , ‘बिरतिया आये||
बन कर सभी पहुनियाँ आये ||
जोड़ के मन के तार, होली खेलेंगे !
दिल में भर कर प्यार, होली खेलेंगे !!
आये सारे यार, होली खेलेंगे !
आये हैं होलियार, होली खेलेंगे !!1!!
भूल के बैर-भाव हम सारे |
जो भी आये पास हमारे ||
मिलेंगे सबको बाँह पसारे ||
भूल के हर तकरार, होली खेलेंगे !
नेह का कर इजहार , होली खेलेंगे !!
हम हो के तैयार, होली खेलेंगे !!
आये हैं होलियार, होली खेलेंगे !!2!! 
सीता संग राम ने खेली |

राधा संग श्याम ने खेली ||
होली सारे ग्राम ने खेली ||
मन की बाँट बहार , होली खेलेंगे !
भेंट प्रेम-उपहार , होली खेलेंगे !!
लगाके अलख , गुहार होली खेलेंगे !!
आये हैं होलियार, होली खेलेंगे !!3!!
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(मेरे ब्लॉग 'साहित्य प्रसून' पर भी पधारें !)


virendra sharma  – (23 March 2014 at 11:34)  

आयें हैं हुरियार होरी खेलेंगे। लोकसंस्कृति और जन भाषा की मीठास (मिठास )में पगी सुन्दर माधुरी

है।

दिगम्बर नासवा  – (24 March 2014 at 23:12)  

होली का मधुर संगम ... रँग गए सब इस रँग में ...

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